मुफलिसी में, घर में सबकी ख़ामियाँ गिनने लगा
हद तो ये, मैं बालकों की रोटियाँ गिनने लगा
Saturday, December 27, 2008
Friday, September 5, 2008
ऐलान
ऐलान उसका देखिये, के वो मज़े में है
या तो कोई फ़क़ीर है, या फिर नशे में है
दौलत बटोर ली मगर अपने तो खो दिये
और वो समझ रहा है, बड़े फ़ायदे में है
या तो कोई फ़क़ीर है, या फिर नशे में है
दौलत बटोर ली मगर अपने तो खो दिये
और वो समझ रहा है, बड़े फ़ायदे में है
Saturday, August 30, 2008
माई....
लाल तेरा कमाल है माई
सुनके कितनी निहाल है माई
जिनके सर का बवाल है माई
उनपे कैसी निहाल है माई
चैन से सो रहे हैं क्यूं बच्चे
रोटियों का कमाल है माई
भूख़ हो तो भजन नहीं होता
इक पुरानी मिसाल है माई
तेरी ख़िदमत करेंगे ये बच्चे
सिर्फ़ तेरा ख़याल है माई
नाम बेटों के कर दिया सबकुछ
घर से तेरा निकाल है माई
सुनके कितनी निहाल है माई
जिनके सर का बवाल है माई
उनपे कैसी निहाल है माई
चैन से सो रहे हैं क्यूं बच्चे
रोटियों का कमाल है माई
भूख़ हो तो भजन नहीं होता
इक पुरानी मिसाल है माई
तेरी ख़िदमत करेंगे ये बच्चे
सिर्फ़ तेरा ख़याल है माई
नाम बेटों के कर दिया सबकुछ
घर से तेरा निकाल है माई
Saturday, August 23, 2008
Tuesday, August 19, 2008
देख ले
मिट गये हम उफ़ न की है देख ले
किस कदर दीवानगी है देख ले
ज़िन्दगी भर साथ देने की कसम
यार पूरी ज़िन्दगी है देख ले
ये हवेली कल शहर की शान थी
आज ये सूनी पड़ी है देख ले
इससे पहले मैक़दा हो जाये बन्द
ख़त्म है या कुछ बची है देख ले
किस कदर दीवानगी है देख ले
ज़िन्दगी भर साथ देने की कसम
यार पूरी ज़िन्दगी है देख ले
ये हवेली कल शहर की शान थी
आज ये सूनी पड़ी है देख ले
इससे पहले मैक़दा हो जाये बन्द
ख़त्म है या कुछ बची है देख ले
Thursday, August 14, 2008
Wednesday, August 13, 2008
अपनापन
सपने सच करने की धुन में, अपने सब खो जायेंगे
अपनों से, अपनापन रखना, सपने सच हो जायेंगे
हासिल तो क्या होना है बस, भरम तेरा रह जयेगा
तेरे आगे, अपने दुखड़े, चल, हम भी रो जायेंगे
तनख़्वाह दूर, खिलौनों की ज़िद, और बहाने बचे नहीं
आज, देर से घर जाना है, बच्चे जब सो जायेंगे
अपनों से, अपनापन रखना, सपने सच हो जायेंगे
हासिल तो क्या होना है बस, भरम तेरा रह जयेगा
तेरे आगे, अपने दुखड़े, चल, हम भी रो जायेंगे
तनख़्वाह दूर, खिलौनों की ज़िद, और बहाने बचे नहीं
आज, देर से घर जाना है, बच्चे जब सो जायेंगे
Sunday, August 10, 2008
Thursday, August 7, 2008
Tuesday, August 5, 2008
यारो
ये जो सर पर उधार है यारो
जग-दिखावे की मार है यारो
तुम समझते हो उसको आवारा
वो तो बे-रोज़ग़ार है यारो......
जग-दिखावे की मार है यारो
तुम समझते हो उसको आवारा
वो तो बे-रोज़ग़ार है यारो......
Wednesday, July 23, 2008
Friday, May 23, 2008
शातिर हो गया
या मेरा दुश्मन ही शातिर हो गया
या कोई अपना ही मुख़बिर हो ग्या
तू जुदा होना था आख़िर हो गया
पर तेरा किरदार ज़ाहिर हो गया
मैं जो इस महफ़िल मे हाज़िर हो गया
क्या बताऊं किसकी ख़ातिर हो गया
जो मकाँ मुझसे नहीं बन पाया “घर”
माँ का आना था कि मन्दिर हो गया
हर कोई कहता है मुझको देख कर-
“था भला इंसान, शाइर हो गया”
या कोई अपना ही मुख़बिर हो ग्या
तू जुदा होना था आख़िर हो गया
पर तेरा किरदार ज़ाहिर हो गया
मैं जो इस महफ़िल मे हाज़िर हो गया
क्या बताऊं किसकी ख़ातिर हो गया
जो मकाँ मुझसे नहीं बन पाया “घर”
माँ का आना था कि मन्दिर हो गया
हर कोई कहता है मुझको देख कर-
“था भला इंसान, शाइर हो गया”
Wednesday, May 21, 2008
कब तक
उनसे अपनापन कब तक
आख़िर ये उलझन कब तक
इक दिन तो सच कहना था
रखता उनका मन कब तक
देखें इन दीवारों से
बचता है आँगन कब तक
अपना चेहरा पहचानो
बदलोगे दरपन कब तक
आख़िर ये उलझन कब तक
इक दिन तो सच कहना था
रखता उनका मन कब तक
देखें इन दीवारों से
बचता है आँगन कब तक
अपना चेहरा पहचानो
बदलोगे दरपन कब तक
Tuesday, May 20, 2008
दूध
लाख दुनिया के रंजो-ग़म लेंगे
तेरे अहसान अब, न हम लेंगे
अबके अम्मा की आँख बननी हैं
आज से दूध थोड़ा कम लेंगे
तेरे अहसान अब, न हम लेंगे
अबके अम्मा की आँख बननी हैं
आज से दूध थोड़ा कम लेंगे
Monday, May 19, 2008
समझते हैं
ख़ुद को वो पारसा समझते हैं
और हमको बुरा समझते हैं
मानते हैं किसी ख़ुदा को वो
हम किसी को ख़ुदा समझते हैं
सामना कैसे करूं मैं उनका
वो मुझे बा-वफ़ा समझते हैं
आपकी बात का यक़ीन करूं
क्या मुझे बावला समझते हैं
और हमको बुरा समझते हैं
मानते हैं किसी ख़ुदा को वो
हम किसी को ख़ुदा समझते हैं
सामना कैसे करूं मैं उनका
वो मुझे बा-वफ़ा समझते हैं
आपकी बात का यक़ीन करूं
क्या मुझे बावला समझते हैं
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