सपने सच करने की धुन में, अपने सब खो जायेंगे
अपनों से, अपनापन रखना, सपने सच हो जायेंगे
हासिल तो क्या होना है बस, भरम तेरा रह जयेगा
तेरे आगे, अपने दुखड़े, चल, हम भी रो जायेंगे
तनख़्वाह दूर, खिलौनों की ज़िद, और बहाने बचे नहीं
आज, देर से घर जाना है, बच्चे जब सो जायेंगे
Wednesday, August 13, 2008
Sunday, August 10, 2008
Thursday, August 7, 2008
Tuesday, August 5, 2008
यारो
ये जो सर पर उधार है यारो
जग-दिखावे की मार है यारो
तुम समझते हो उसको आवारा
वो तो बे-रोज़ग़ार है यारो......
जग-दिखावे की मार है यारो
तुम समझते हो उसको आवारा
वो तो बे-रोज़ग़ार है यारो......
Wednesday, July 23, 2008
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